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कà¥à¤¯à¤¾ होता है लू लगना? à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानें इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचाव के उपाय
लू से बचने के लिठजितना हो सके तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन करें.
गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में अकà¥à¤¸à¤° लोग लू लगने से परेशान रहते हैं. यह à¤à¤• कॉमन समसà¥à¤¯à¤¾ है, लेकिन समय पर इलाज à¤à¥€ जरूरी है. गरà¥à¤®à¥€ में शà¥à¤·à¥à¤• और बेहद गरà¥à¤® हवा चलने को लू (Loo) कहा जाता है. अपà¥à¤°à¥ˆà¤² से लेकर जून के महीने में यह समसà¥à¤¯à¤¾ अधिक होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इन तीन महीनों में ही पारा बहà¥à¤¤ हाई होता है और बेहद गरà¥à¤® और डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ हवाà¤à¤‚ बहती हैं. पारस हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² (गà¥à¤°à¥à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®) के सीनियर कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. संजय गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ कहते हैं कि लू तब लगती है, जब तापमान बहà¥à¤¤ अधिक होता है. जब कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ गरà¥à¤® हवा और धूप में देर तक रहता है, उसका चेहरा और सिर देर तक धूप और गरà¥à¤® हवा के संपरà¥à¤• में आता है, तो लू (Heat wave) लग जाती है. इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर का तापमान à¤à¥€ बहà¥à¤¤ अधिक बढ़ जाता है.
लू और हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• में अंतर
डॉ. संयज गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ कहते हैं कि लू और हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• में फरà¥à¤• होता है. हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसमें à¤à¤• मरीज लगातार अधिक हीट या गरà¥à¤®à¥€ में रहने से बेहोश या बेसà¥à¤§ हो जाता है. लू तब लगती है, जब हवा में इतनी गरà¥à¤®à¥€ आ जाती है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का बॉडी टेमà¥à¤ªà¤°à¥‡à¤šà¤° बढ़ जाता है, लेकिन इसमें हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• की तरह मरीज को बेहोशी या चकà¥à¤•र आने जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है. लू लगने में शरीर का तापमान कम से कम 102 डिगà¥à¤°à¥€ से ऊपर हो जाता है.
लू लगने के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं
यदि किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को लू लग गई है, तो वह डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का शिकार हो सकता है, उसके शरीर में पानी की कमी हो जाà¤à¤—ी. शरीर का तापमान लगà¤à¤— 101 या 102 डिगà¥à¤°à¥€ से ऊपर होगा और उसे बार-बार पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगेगी. यà¥à¤µà¤¾à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों को लू लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ अधिक होती है. à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके हीट का रेगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ मेकैनिजà¥à¤® जलà¥à¤¦ ही डिसअरेंज में चला जाता है. à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— या बचà¥à¤šà¥‡ बहà¥à¤¤ देर तक गरà¥à¤®à¥€ में रहेंगे, तो लू लगने या हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है.
लू से बचाव के उपाय
डॉ. संजय कहते हैं, जब à¤à¥€ आप घर से बाहर जाà¤à¤‚ खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखें. अपने साथ पानी का बोतल और छाता जरूर लेकर चलें. बहà¥à¤¤ देर तक बाहर धूप और गरà¥à¤® हवा में घूमने से बचें. जितनी देर आप गरà¥à¤® हवा में खà¥à¤¦ को à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‹à¤œ रखेंगे, लू लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाती है. शरीर के संपरà¥à¤• में गरà¥à¤® हवा जितनी अधिक आà¤à¤—ी, उतनी ही जलà¥à¤¦à¥€ आप लू के शिकार होंगे.
कार में जो लोग बाहर जाते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लू जलà¥à¤¦à¥€ नहीं लगती है. बाइक, साइकिल पर चलने वाले, ठेले पर सामान बेचने वाले, मजदूरी करने वालों को लू सबसे अधिक लगती है. à¤à¤¸à¥‡ में संà¤à¤µ हो तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¬à¤¹ के समय अपना काम करना चाहिà¤. साढ़े गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ बजे से लेकर शाम 4 बजे के बीच धूप में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर ना रहें. मजबूरी है रहना, तो अपने ठेले के ऊपर या जहां à¤à¥€ बाहर काम कर रहे हैं, वहां छाता या कवर लगा लें.
खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखने के लिठठंडी शिकंजी, ओआरà¤à¤¸, पानी, नारियल पानी जैसे तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन जरूर करें. ताजे फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, पपीता, संतरा, नारियल पानी का सेवन करें. दोपहर के समय धूप और गरà¥à¤® हवा तेज होती है, इस समय बेफिजूल घर से बाहर जाने से बचें. जो लोग कार से चलते हैं, वो पारà¥à¤• की गई गाड़ी का शीशा थोड़ा सा खोलकर रखें. पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° वेंटिलेशन होने के बाद ही कार में à¤à¤¸à¥€ ऑन करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बंद कार में गरà¥à¤®à¥€, तपिश बहà¥à¤¤ होती है. अचानक कार में बैठते ही à¤à¤¸à¥€ ऑन करने से à¤à¥€ हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, लू लग सकती है.
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